मीनाक्षी चितरंजन ने एक अच्छी तरह से कोरियोग्राफ किए गए प्रोडक्शन के माध्यम से दीक्षितार को श्रद्धांजलि अर्पित की
अपने जन्म के ढाई शताब्दी बाद भी मुथुस्वामी दीक्षितार का कर्नाटक संगीत में अद्वितीय स्थान बना हुआ है। राग, साहित्य और आध्यात्मिकता के सही तालमेल के लिए विख्यात उनकी रचनाएँ केवल संगीत रचनाएँ नहीं बल्कि दार्शनिक ग्रंथ हैं। प्रत्येक कृति, संस्कृत कविता में डूबी हुई और सौंदर्य परिशुद्धता से ओत-प्रोत, अद्वैत वेदांत की उनकी गहरी…
